अनदेखी के चलते सड़क हो चुकी खस्ताहाल

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अल्मोड़ा,  जीआईसी शहरफाटक हल्का वाहन मोटर मार्ग पिछले 3 दशक से विभागीय उपेक्षा के चलते खस्ताहाल में है।
80 के दशक में बारामंडल विधायक सरस्वती तिवारी के समय मे स्वीकृत इस रोड की हालत अश्वमार्ग से भी बदतर हो चुकी है, पर्यटन मानचित्र में डोल आश्रम सर्किल की इस सड़क से आगे जाकर दर्जनभर गावँ जुड़ते है,जिसे देखते हुए 2007 में इसका राज्यसेक्टर से  खैखाण तक  विस्तारी करण किया गया जो 14 वर्ष बाद भी सड़क कटान तक ही सीमित रह गया जबकि खैखाण से आगे डामर होते हुए तड़ेनी तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पक्की रोड बन चुकी है। अल्मोड़ा शहरफाटक मार्ग में विष्णु मंदिर के समीप से कटे इस मार्ग का शुरुआती 8 किलोमीटर हिस्सा रोज दुर्घटनाओं को आमंत्रित करता है।
अब डोल, खैखान, क्वेटा, सुरखाल, डामर तडैनी आदि गावो के लोग रोड की दुर्दशा से व्यथित होकर आंदोलन की सुगबुगाहट कर रहे हैं। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल विभागीय अधिकारियों से वार्ता करेगा और समयबध्द कार्यवाही न होने पर सालम क्रांति दिवस 25 अगस्त से क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। ग्राम प्रधान संगठन लमगड़ा के अध्यक्ष और डोल के ग्रामप्रधान चतुर सिंह फर्त्याल ने बताया कि आस पास के गाँव के लोगो और प्रवासियों को भी आंदोलन से जोड़ा जाएगा और रोड तथा अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान न होने पर चुनाव के बहिष्कार पर भी विचार किया जा सकता है। हरेले के दिन विष्णु मंदिर डोल में हुई बैठक के बाद युवाओं ने श्रमदान कर 300 मीटर सड़क को खुद सही कर रोड में फंसे वाहनों को सकुशल बाहर निकाला। श्रमदान करने वाली टीम में कुंदन सिंह, चंदन सिंह ,रोहित सोनू, लक्ष्मण सिंह, मुन्ना, दीपक,खीम सिंह, यादव सिंह ,रमेश राम,कमल किशोर सहित अनेक युवाओं ने सहभाग किया। ग्रामप्रधान चतुर सिंह फर्त्याल ने बताया कि कोरोना कर्फ्यू समाप्त होने के बाद इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया जाएगा जरूरत पड़ी तो शहरफाटक  से अल्मोड़ा तक पदयात्रा भी निकाली जायेगी। जल्द ही गावँ के युवाओं को वर्चुअल माध्यम से जोड़कर क्षेत्र के विकास के लिए मुहिम चलाई जाएगी।

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