सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड की बची हुई परीक्षाएं रद्द

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बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने के बाद आज सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर दिया है. बोर्ड ने बताया है कि कक्षा 10वीं और 12वीं के जिन छात्रों ने परीक्षा पूरी कर ली है, उनका सामान्य रूप से रिजल्ट आएगा. जबकि जिन छात्रों ने तीन से ज्यादा पेपर दिए हैं, बचे हुए पेपर के लिए उनका रिजल्ट सर्वश्रेष्ठ तीन विषयों के औसत नंबर के हिसाब से दिया जाएगा. वहीं, जिन छात्रों ने बोर्ड के तीन पेपर दे दिए हैं, उन्हें बची हुई परीक्षाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ दो विषयों के औसत अंक मिलेंगे. इसके अलावा जिन छात्रों ने 1 या 2 पेपर खत्म किए, उनके नंबर बोर्ड की परफोर्मेंस और इंटरनल/प्रैक्टिकल असेसमेंट के आधार पर दिया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा रद्द करने की सीबीएसई (CBSE) की स्कीम को मंजूरी दे दी है

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि रिजल्ट घोषित करने के 2 सप्ताह के अंदर छात्रों को परीक्षा देने का विकल्प दिया जाना चाहिए अन्यथा यह भ्रम पैदा करेगा. इस पर सीबीएसई की तरफ से कहा गया कि हम छात्रों के लिए विकल्प दे रहे हैं जब स्थिति अनुकूल होगी तो परीक्षा होगी, यह छात्रों के समर्थन वाली योजना है. तमाम दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की योजना को मंजूरी दे दी. यानी कोर्ट ने भी 1 जुलाई से निर्धारित शेष विषयों के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा रद्द करने के सीबीएसई के फैसले को मंजूरी दे दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा था कि आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल असेसमेंट) की योजना के लिए अधिसूचना जारी करने के साथ बोर्ड को एक समयसीमा देनी चाहिए, क्या ऐसा किया जा सकता है? इस पर सॉलिसिटर जनरल ने बताया था कि अधिसूचना 26 जून तक जारी की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड से कहा था कि एग्जाम और असेसमेंट मेथड से जुड़ा नया नोटिफिकेशन जारी करें. इसी मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में कुछ अभिभावकों की याचिका पर ये सुनवाई हुई है. अभिभावकों ने मांग की थी बोर्ड की बची हुई परीक्षाएं जो जुलाई में कराने का फैसला किया गया है, उन्हें रद्द किया जाए. अभिभावकों ने कोरोनावायरस से बच्चों को खतरा बताते हुए ये मांग की थी. जिसके बाद 25 जून को हुई सुनवाई में सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट के सामने बताया कि 10वीं और 12वीं बोर्ड की बची हुई परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं. लेकिन 12वीं के बच्चों को पेपर देने का विकल्प भी दिया गया है, अगर वो पेपर देना चाहते हैं तो परीक्षा कराई जाएंगी, मगर ये तभी हो सकेगा जब कोरोनावायरस का खतरा कम हो जाएगा.

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